अधिकारियों की अनदेखी के चलते सीएम विंडो से जनता का मोह भंग
December 6th, 2023 | Post by :- | 88 Views

होडल,(मधुसूदन भारद्वाज): प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते जनता की समस्याओं का समय पर निपटान करने के लिए शुरु की गई सीएम विंडों आज केवल कागजों में ही चल रही है। परेशान उपभोक्ताओं द्वारा कई कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है। अधिकांश शिकायतों में तो सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपभोक्ता को बगैर बुलाए ही हस्ताक्षर कर शिकायत को समाप्त कर देते हैं। समस्या के निदान के लिए सीएम विंडों में दी गई शिकायतें महीनेां तक फाईलों में सफर तय कर अधिकारियों के दरवाजे तक तो पहुंच रही हैं,लेकिन समाधान के नाम पर सब कुछ शून्य है। जिसके कारण अब सीएम विंडो से जनता का मोह भंग होता जा रहा है। इतना ही नहीं विभागीय अधिकारी सीएम विंडों पर की गई शिकायतों की झूंठी ए.टी.आर. तैयार कर मामले का निपटान कर देते हैं, जबकि शिकायतकर्ता को सूचित तक नहीं किया जाता है। सम्बंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी केवल फाईलों में ही समाधान कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर रहे हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही बयां करती है।

1 जनवरी 2021 से 4 दिसम्बर 2023 तक कुल 3191 शिकायतें हुईं दर्ज

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लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र में सीएम विंडों का तत्तकालीन जिला उपायुक्त अशोक कुमार द्वारा 25 दिसम्बर 2016 को विधिवत उदघाटन किया गया था। उक्त सीएम विंडों पर 1 जनवरी 2021 से दिसम्बर माह तक 986 शिकायतें, 1 जनवरी 2022 से दिसम्बर तक 1040 तथा एक जनवरी 2023 से 4 दिसम्बर 2023 तक 1165 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। जिनमें सर्वाधिक शिकायतें अवैध कब्जों,माईनरों से पानी नहीं मिलने ,चरमराई सफाई और सीवरेज व्यवस्था,विभागीय अधिकारियों की नकारा कार्यशैली व अन्य मामलों की हैं। सीएम विंडों पर भेजी गई अधिकांश शिकायतों का कागजों में तो समाधान कर अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभा ली है, लेकिन समस्याएं ज्यों कि त्यों बनी हुई हैं।
क्या कहते हैं पीडित व्यक्ति:

भाजपा कार्यकर्ता मनोज सौरोत ने तत्तकालीन मार्केट कमेटी की सचिव लता के खिलाफ 29 मई 2019 को सीएम विंडो पर फसल की आवक के मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उक्त मामले को लेकर 28 मई 2022 को विभाग द्वारा सचिव को चार्ज शीट कर दिया गया, लेकिन उसके खिलाफ अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मनोज सौरोत ने बताया कि इस मामले में विभागीय अधिकारी केवल पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं है। उक्त मामला अब अदालत में विचाराधीन है।

आरडबल्यूए के प्रधान रमनलाल पंखीया ने बताया कि उन्होंने लगभग दो साल पहले क्षतिग्रस्त रेलवे रोड का निर्माण कराने, जाम पडी सीवरेज को खुलवाने के लिए सीएम विंडों पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई,बल्कि उनके पास फोन आया कि ए.टी.आर. पर हस्ताक्षर कर दें। जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।

श्याम कालोनी निवासी भागीरथ बैनीवाल ने बताया कि कालोनी में वर्षों से सीवरेज व्यवस्था ठप पडी हुई है और पेयजल आपूर्ति नहंीं हो रही है। जिसकी शिकायत सीएम विंडों पर की, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने समाधन तो नहीं किया, बल्कि फर्जी हस्ताक्षर कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। उन्होंने बताया कि अधिकारी ए.टी.आर. पर हस्ताक्षर कर उच्च अधिकारियों को भ्रमित कर रहे हैं।

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