जल प्रकृति का ऐसा विशेष उपहार है, जोकि प्राणीमात्र के जीवन को सुरक्षित रखने का एकमात्र साधन है : केशनी आनन्द अरोड़ा
October 10th, 2019 | Post by :- | 61 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार ) ।   हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने कहा है कि जल प्रकृति का ऐसा विशेष उपहार है, जोकि प्राणीमात्र के जीवन को सुरक्षित रखने का एकमात्र साधन है। इसलिए जल संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

श्रीमती अरोड़ा आज यहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जल शक्ति अभियान के तहत ‘जल संरक्षण एवं वर्षाजल संग्रहण’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहीं थी।

उन्होंने कहा कि जल जीवन का तथा जीवन भविष्य का आधार है, इसलिए हर आमजन को पानी के महत्व को समझते हुए वर्षा जल संचयन को प्राथमिक आधार पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जल स्तर को ऊँचा उठाने एवं जल संरक्षण को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘जल परियोजना प्रबन्धन सलाहकार समूह’ का गठन किया जाना चाहिए। इस समूह द्वारा जल संरक्षण पर विशेष एवं आधारभूत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि राज्य में पानी के संचयन एवं बचाव को बल मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत राज्य में अनेक कार्य योजनाएं शुरू की है, जिससे जल संरक्षण के क्षेत्र में हमने तीसरा स्थान हासिल किया है। हरियाणा कृषि क्षेत्र में कुल उपलब्ध पानी को करीब 85 प्रतिशत जल सिंचाई में प्रयोग किया जाता है। राज्य के गुरुग्राम, महेन्द्रगढ़, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत तथा सिरसा जिला के खंड़ों में भूजल का सबसे अधिक दोहन किया होता रहा है, जिससे राज्य के अनेक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। लोगों को चाहिए कि वे माइक्रो सिंचाई प्रणाली पर जोर दिया जाना चाहिए तथा पानी के री-साईक्लिंग व्यवस्था को बल देना चाहिए।

जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित श्री अनिल जोशी ने बोलते हुए कहा कि प्रकृति के विज्ञान को समझने की आवश्यकता है। जल, जंगल, हवा और प्रकृति का दोहन देश एवं दुनिया के सभी प्राणी करते हैं, इसके लिए सरकार को दोषी मानना ठीक नही है। प्राचीन काल में मानव जल स्त्रोतों के आसपास रिहायश करते थे परन्तु आजकल जल संसाधनों को बस्ती तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, इससे जल व्यर्थ होता है। उन्होंने कहा कि लोगों को जल संरक्षित करने के लिए स्वयं आगे आना होगा, जिसके लिए चैक-डेम, जलाश्य, रिचार्ज जोन तथा पारिस्थितिक तंत्र को समझने के लिए अभियान चलाना चाहिए।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अशोक खेमका ने सभी आगंतुकों का अभिनन्दन किया और जल की महत्ता पर बल दिया। इस दौरान पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, विशेषज्ञ डॉ. अनूप नागर, रामजी जयमाल, डॉ. सुशील कामरा, सुमंत कुमार, प्रो० आर के जोहरार सहित अनेक प्रवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुनील गुलाटी, खनन एवं भू-विज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के.दास, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री आलोक निगम, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल, जन अभियांत्रिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक श्री प्रवीण कुमार एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठï अधिकारी मौजूद थे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।