मनोज शर्मा, चंडीगढ़। वेस्टर्न कमांड के अंतर्गत वज्र कोर द्वारा लुधियाना के ढोलेवाल मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में पंजाब के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीर माताओं और उनके परिवारों के लिए विशाल रैली का आयोजन किया गया। ‘संपर्क, संजीवनी, रोजगार और सहूलियत’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह (एवीएसएम, एसएम**) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विशिष्ट पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया और वीर नारियों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं तथा आवश्यकताओं की जानकारी ली।
आर्मी कमांडर ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना अपने पूर्व सैनिकों के प्रति आजीवन प्रतिबद्ध है। उन्होंने पंजाब की गौरवशाली सैन्य विरासत की सराहना करते हुए कहा कि वेस्टर्न कमांड का पंजाब और यहां के लोगों के साथ अटूट रिश्ता है। पूर्व सैनिक देश की सैन्य विरासत के संरक्षक हैं और उनका अनुशासन, ईमानदारी तथा सेवा भावना वर्दी उतारने के बाद भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती रहती है।
उन्होंने वीर नारियों और उनके परिवारों को कल्याणकारी सुविधाओं की आसान उपलब्धता, शिकायतों के समयबद्ध समाधान और निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही पंजाब के युवाओं से नशे से दूर रहकर अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
रैली में चार विशेष सेवा शिविर लगाए गए। संपर्क शिविर में पेंशन, दस्तावेजों और अन्य अधिकारों से संबंधित सहायता दी गई। संजीवनी शिविर में स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, दवाइयां और ईसीएचएस संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। रोजगार शिविर में कौशल विकास, पुनर्वास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई, जबकि सहूलियत शिविर में नागरिक प्रशासन, पुलिस, बैंक और आधार एजेंसियों ने विभिन्न सेवाओं में सहयोग प्रदान किया।
यह आयोजन पूर्व सैनिकों के लिए केवल कल्याणकारी सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि पुराने सैन्य साथियों से मिलने और साझा यादें ताजा करने का भावनात्मक मंच भी बना। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
वेस्टर्न कमांड ने दोहराया कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों का सम्मान, कल्याण और देखभाल सेना की निरंतर जिम्मेदारी है।
सेना का संदेश—आपकी सेवा, हमारा सम्मान; आपका कल्याण, हमारी प्रतिबद्धता। जो एक बार सैनिक बन गया, वह हमेशा हमारा अपना है।
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