कालका के बसन्त विहार स्थित नील कंठ मंदिर में 23 अगस्त को जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जायेगा।
August 22nd, 2019 | Post by :- | 458 Views

कालका (चन्द्रकान्त शर्मा)

कालका के बसन्त विहार स्थित नील कंठ मंदिर में 23 अगस्त को जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जायेगा। इसकी जानकारी देते हुए मंदिर के पुजारी श्री सी० के० खाली (उत्तराखंड वाले) जी ने बताया के मंदिर में जन्माष्टमी का महोत्सव 23 अगस्त दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा।

मंदिर में महिला कीर्तन मंडली जिसमे मंदिर की कीर्तन मंडली संचालिका मधु शर्मा, भवनेश्वरी पुंज, संगीता चौधरी, ऋतु जिंदल, कुसुम कौशिक (साई भक्त), सुमन थपलियाल, रीटा सिंह, बिमला ग्रोवर, उर्मिला शर्मा, पुष्पा त्रिपाठी, राज वालिया, श्यामा वर्मा, कांता जिंदल, शीला गोयल, कल्पना जोशी, शम्मी ओहरी, तृप्ता, शिवानी ग्रोवर, द्वारा रात्रि 9:00 से 12:00 बजे तक भजन- कीर्तन किया जाएगा।

इसके बाद 12:05 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के साथ साथ पूजा अभिषेक आरती की जाएगी।तत्पश्चात भक्तजनों में प्रसाद वितरित किया जाएगा।

मंदिर के पुजारी श्री सी० के० खाली (उत्तराखंड) ने नगर वासियों से निवेदन किया कि आप व अपने परिवार के साथ, सभी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर मंदिर में आये व प्रभु के चरणों में शीश वंदन कर भजन-कीर्तन का आनंद उठा कर अपना जीवन सुखमय बनाएं।  ।।

*जन्माष्टमी_व्रत निर्णय* ।।

गृहस्थियों के लिए जन्माष्टमी व्रत निर्विवाद रूप से *23/8/19 शुक्रवार* को ही मनाया जाएगा।

यह व्रत *शास्त्रोक्त मतानुसार* जिस रात्रि में *चन्द्रोदय के समय भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि हो* ,उस दिन मनाया जाता है। माताएं मां देवकी के समान पूरे दिन निराहार  रहकर व्रत रखती हैं तथा रात्रि में भगवान् के प्राकट्य पर चन्द्रोदय के समय भगवान् चन्द्रदेव को अर्घ्य देकर अपने व्रत की पारणा करती हैं।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि में #उदय होने वाले चन्द्रमा के दर्शन सर्वाधिक शुभ माने गए हैं। क्योंकि चन्द्रवंश में इसी चन्द्रोदय के समय भगवान् प्रकट हुए थे।

यह चन्द्र उदय दर्शन का #संयोग वर्ष में केवल एक ही बार होता है। इस बार यह #संयोग 23 अगस्त शुक्रवार की रात्रि को है।

*अतः इसी दिन व्रत करें ।*

इससे अगले कई दिनों तक गोकुल में तथा अनेक स्थानों पर भगवान् का जन्मोत्सव मनाया जाता है। क्योंकि गोकुलवासियों को अगले दिन सुबह ही पता चला कि नंद घर आनंद भयो है।और जन्मोत्सव शुरू हो गया।

*अत: व्रत 23/8/19 को ही रखें। इसमें कोई विवाद नहीं है।*

अतः समस्त पुजारीजनों से भी अनुरोध है कि 23/8/19 को ही अर्द्धरात्रि तक #कीर्तन,#प्रसाद, #चरणामृत की  व्यवस्था करें।

जो व्रत 24 अगस्त को कहता है ।वह शायद यह नहीं जानता कि 24 को अष्टमी प्रातः 8:32 तक ही है। फिर नवमी लग जाएगी और नवमी का चन्द्रोदय मान्य नहीं है।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य भजन संध्या रात्रि 9 वजे से 12 वजे तक।

माखन मिश्री का भोग 12 बजकर 05 मिनट में।

*जय श्री कृष्ण हरे*
*पंडित सी० के० खाली (उत्तराखंड)

(नील कंठ  मंदिर, बसन्त विहार)*

*भगवान सबका भला करें*

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