पत्रकारों की पेंशन संबधी मुद्दा राज्य विधानसभा में गूंजा ।
August 22nd, 2019 | Post by :- | 869 Views
  • नालागढ़ के विधायक लखविंद्र राणा व गगरेट के राजेश ठाकुर ने उठाया
  • हिप्र यूनियन आफ जर्नलिस्टस की मेहनत रंग लाई

शिमला, 22 अगस्त (राज कश्यप)

हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों की समस्याएं व मुद्दे लंबे समय बाद प्रदेश की विधानसभा में गूंजे हैं। हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों को पेंशन देने और प्रदेश व जिला की तर्ज पर उपमंडल के पत्रकारों को लैपटाप देने संबधी मसले दो विधायकों ने विधानसभा मे उठाए।

इतिहास में पहली बार पत्रकारों की पेंशन के बारे में किसी विस सदस्य ने सदन का ध्यानाकर्षण किया है। यह मुददे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व नालागढ़ के कांग्रेसी विधायक लखविंद्र सिंह राणा व गगरेट के भाजपा विधायक राजेश ठाकुर ने सरकार के समक्ष उठाए हैं।

नालागढ़ के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश के पत्रकार संगठन पेंशन संबधी मुददे को एक साल से उठा रहे हैं जो कि बहुत ही जायज मुददा व उनका हक भी है। राणा ने कहा कि हमारे पडोसी राज्य हरियाणा सरकार में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को पांच साल पंजीकृत रहने के बाद 60 साल की उम्र के पश्चात 10 हजार रुपये पेंशन मिल रही है। उन्होने कहा कि हिमाचल जैसे पहाडी राज्यों में पत्रकार विकट परिस्थितियों में काम करते हैं और जनता के मुददे उठाने के साथ साथ सरकार की नीतियों को जन जन तक पहुंंचाते है। आज केंद्र हो या प्रदेश सरकारें किसान, मजदूर, वृद्वजनों व असंगठित कामगारों के लिए पेंशन का प्रावधान कर रही है तो पत्रकारों के लिए पेंशन का प्रावधान क्यों नहीं हो सकता।

उन्होने कहा कि मीडीया के बगैर किसी भी देश, राज्य व समाज का विकास नहीं हो सकता और यह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ आज भी उपेक्षा का क्यों शिकार है। उन्होने सीएम जयराम ठाकुर को सदन के माध्यम से आग्रह किया कि सरकार अतिशीघ्र हरियाणा की तर्ज पर पत्रकारों के लिए 10 हजार पेंशन का प्रावधान करके उनको राहत पहुंचाए जिसका लाभ देश के चौथे स्तंभ को मिलेगा।

वहीं दूसरी ओर गगरेट के भाजपा विधायक राजेश ठाकर ने पत्रकारों को पेंशन के साथ साथ पत्रकार-पत्रकार में भेद न करते हुए राज्य व जिला के पत्रकारों की तर्ज पर उपमंडल के पत्रकारों को भी लैपटाप देने संबधी मुददा सदन के पटल पर उठाया। उन्होने कहा कि प्रांत व जिला की तरह उपमंडल के पत्रकारों को फील्ड रिपोर्टर माना जाता है जो कि छोटे छोटे स्थानों पर जाकर समाचार एकत्रित करता है और सरकारी नीतियो को जन जन तक पहुंचाता है। वहीं गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर ने बताया कि पेंशन देने व उपमंडल पर पत्रकारों को लैपटाप देने पर सरकार का जबाब आया है जिसमें सरकार ने उत्तर दिया है कि अभी ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है। यानि सरकार ने फिलवक्त पेंशन देने से हाथ पीछे खींच लिए।

वहीं पत्रकार संघ (एचपीयूजे)के प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा ने कहा कि हम इन तमाम मुददो को लेकर सीएम जयराम ठाकुर से मिलेंगे और उनके सबका साथ सबका विकास नारे के तहत हम अपनी मांगे बुलंद करेंगे।

  • विधायकों का जताया आभार

हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जर्नलिस्टस के प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा, सचिव रुप किशोर, कोषाघ्यक्ष ओमपाल सिंह, एनयूजे राष्ट्रीय सदस्य सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता एस.आर पुंडीर, कुल्लु के जिलाध्यक्ष गौरी शंकर, दविंद्र ठाकुर, सोलन के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनमोहन वशिष्ट, बिलासपुर के जिला प्रधान बंशीधर शर्मा, सिरमौर के संयोजक जितेंद्र ठाकुर, कांगडा के चैन सिंह गुलेरिया, पामलपुर के मनोज रतन, किन्नौर के जिला प्रधान आरके नेगी, सचिव समर सिंह नेगी, ऊना अंब के अजय ठाकुर, शिलाई के जगत तोमर, उदय भारद्वाज, अर्की के सुरंद्र शर्मा, अजय गुप्ता, कसौली के मनमोहन संधू, पच्छाद के रमेश शर्मा, परवाणु के सुमित शर्मा, नालागढ़ के सलीम कुरैशी, बददी के सुरेंद्र अत्री, बरोटीवाला के राजन नेगी, कंडाघाट के ललित, महिला विंग की अंजलि शर्मा, मोहिनी सूद, सोशल मीडीया प्रभारी राजीव खामोश, बंगाणा के जोगिंद्र देव आर्य ने कहा कि पहली बार दो विधायकों ने पत्रकारों की पेंशन संबधी मुददे उठाए जिसके लिए संगठन उनका आभारी रहेगा कि किसी ने तो पत्रकारों के बारे में सोचा और समय आने पर संगठन उनको समानित भी करेगा। उन्होने कहा कि हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

 

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