जिले मे नाबार्डं ने की फसल अवशेष प्रबंधन अभियान 2019 की शुरुआत जिला उपायुक्त ने बस को हरी झंडी देकर किया रवाना
October 7th, 2019 | Post by :- | 80 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक नाबार्डं द्वारा भारत सरकार के जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन कोष एनएफसीसी के तहत फसल अवशेष प्रबंधन तथा पर्यावरण सम्बधी सुधार के उद्दश्ये से जिले में जागरूकता अभियान शुरू किया गया। उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने राम नवमी के शुुभ अवसर पर सोमवार को जागरूकता वाहन को अपने कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होनें कहा कि यह जागरूकता अभियान नाबार्ड द्वारा शुरू किया गया है, जिसके तहत जागरूकता वाहन के माध्यम से किसानों को पराली ना जलाने के लिए प्रेरित करने के लिए जिले में खंड स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को इस अभियान से जोडक़र महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी तथा 250 गाँवों को कवर करते हुए सम्पूर्ण जानकारी किसानों को दी जाएगी। उन्होनें यह भी कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यहीं हैं कि किसानों में जागरूकता आए और वह फसलों के अवशेष न जलाकर कृषि यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर, मल्चर, रिवर्सिबल प्लो, बेलर व रेक आदि उपकरणों का प्रयोग करें। जिला प्रशासन द्वारा फसलों के अवशेष न जलाने बारे चलाए गए अभियानों से किसानों में अवशेष न जलाने के प्रति जागरूकता भी आई हैं। 
उन्होनें कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से फसलों के अवशेष का प्रबंधन करके न केवल पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में सहयोग कर सकते है, बल्कि उससे आय भी अर्जित कर सकते हैं। साथ ही बताया कि फसलों के अवशेष को जलाने से विभिन्न समस्याएं जैसे हवा व धरती का तापमान बढऩा, मनुष्य व पशुओं में साँस की समस्या और मिट्टी की गुणवत्ता में कमी इत्यादि उत्पन्न होती है। हमें फानें न जलाने का सकंल्प लेना चाहिए। उन्होनें बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार अब कम्बाइन के साथ सुपर स्तर मैनेजमेंट सिस्टम लगाना जरूरी है। यह सिस्टम धान के अवशेषों को भूसा बनाकर खेत में बिखेर देता है। यह आसानी से मिट्टी में सम्मिलित हो जाते हैं जिससे भूमि कि उर्वरा शक्ति बढ़ जाती है और प्रति एकड़ उत्पादन क्षमता में वृद्घि होती हैं। उपायुक्त ने जागरूकता वाहन को झंडी दिखाने से पूर्व उन किसानों को भी सम्मानित किया जिन्होनें पराली नहीं जलाई बल्कि वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग किया। इस अभियान में वे आगे आकर किसानों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। 
नाबार्ड के डीडीएम दीपक जाखड़ ने बताया की एनएएफसीसी के तहत फ सल अवशेष प्रबंधन अभियान के अंतर्गत जागरूकता वाहन के माध्यम से किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, प्रत्येक प्रोग्राम में जागरूकता अभियान के साथ कृषि वैज्ञानिक भी मौजूद रहेंगे, जो किसानों को पराली जलाने से होने वाली हानियों और वैज्ञानिक यंत्रो जैसे हैप्पी सीडर, रिवर्सिवल, प्लो और मल्चर जैसे फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रो से भी अवगत करायेंगे। इस जागरूकता वाहन को प्रत्येक गाँव तक पहुँचाया जायेगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के तहत ऐसे किसानों को सम्मानित किया जायेगा जो फ सलों के अवशेष जलाने कि बजाय उनका वैज्ञानिक प्रबंधन कर रहे हैं। जागरूकता वाहन के माध्यम से किसानों को तमाम महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी वहीं किसानों के जो भी प्रश्र होगें उनका भी निवारण करने का काम किया जाएगा, साथ ही जागरूकता वाहन के साथ चल रहे सदस्य स्क्रीप्ट के माध्यम से फसल के अवशेष न जलाने बारे किसानों को जागरूक करने काम करेगें। 
इस अवसर पर एडीसी जगदीप ढांडा, डीडीएम दीपक जाखड़, नाबार्ड जिला कृषि अधिकारी, किसान विकास केंद्र के वैज्ञानिक, एलडीएम वरिष्ठ बैंक अधिकारी, किसान उत्पादक संघ के सदस्य, इन्फोसिस फेडरेशन एंड एजुकेशनल काउंसिल तथा जेबीएनआर ट्रस्ट के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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