बद्दी में निकाला आरएसएस ने पथ संचालन
October 6th, 2019 | Post by :- | 311 Views
विजय दशमी के अवसर व संघ के स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बददी शहर में पथ संचलन निकाला। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रांत महाविद्यालयीन विद्यार्थी कार्य प्रमुख संजीव कुमार ने शिरकत ही वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक हरिराम धीमान ने की। स्वयंसेवकों ने बददी सरकारी स्कूल के सामने से विधिवत बैंड के साथ अपना पथ संचलन प्रारंभ किया। वहां से आगे बढते हुए अनुशासनबद्व तरीके से चल रहा काफिला पंजाब नेशनल बैंक व न्यू सब्जी मंडी पहुंचा। वहां से होते हुए रुट रोटरी चौक से पुरानी सब्जी मंडी व साई रोड होते हुए बस स्टैंड बददी पहुंचा। अंत में पथ संचलन वार्ड नंबर एक के सरकारी पार्क में जाकर समाप्त हुआ। आज पूरा बददी बाजार भगवा रंग में रंगता नजर आया। जगह जगह माताओं बहनों व सामाजिक संस्थाओं ने पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की और भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष लगाए। इससे पहले पार्क में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता संजीव कुमार ने बताया कि संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी यानी दशहरा के दिन हुई थी। दशमी पर शस्त्र पूजन का विधान है।  इस दौरान संघ के सदस्य हवन में आहुति देकर विधि-विधान से शस्त्रों का पूजन करते हैं। संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हर साल शस्त्र पूजन खास रहता है। दशहरा के मौके पर शस्त्रधारियों के लिए हथियारों के पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन शस्त्रों की पूजा घरों और सैन्य संगठनों द्वारा की जाती है। नौ दिनों की उपासना के बाद 10वें दिन विजय कामना के साथ शस्त्रों का पूजन करते हैं। विजयादशमी पर शक्तिरूपा दुर्गा, काली की पूजा के साथ शस्त्र पूजा की परंपरा हिंदू धर्म में लंबे समय से रही है।  छत्रपति शिवाजी ने इसी दिन मां दुर्गा को प्रसन्न कर भवानी तलवार प्राप्त की थी। इस दौरान संघ के सदस्य हवन में आहुति देकर विधि-विधान से शस्त्रों का पूजन करते हैं। उन्होने कहा कि संघ का काम कार्यकर्ता का निर्माण करना है, जो देश हित में कार्य कर सके। अनुशासन, समय पालन व देशहित में कार्य करना स्वयंसेवक की आदत बन चुकी है। संघ समाज को जोडने का कार्य करता है। संघ कार्य के बदले स्वयंसेवक को क्या मिलेगा, यह स्वयंसेवक की सोच नहीं है। संघ देशभक्ति के विचार को आगे बढाने के लिये सतत रूप से प्रयासरत है।  संगठन के काम को गांव और बस्ती तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार और परिस्थिति बदलती रहती हैं, लेकिन इन सब में हमें समर्थ भारत के निर्माण के लिये संघ के कार्य को बढाना होगा। संघ के प्रत्येक स्वयंसेवक का उद्देश्य जीवनपर्यन्त देश के लिये कार्य करना है। संघ अपनी स्थापना के 90 वर्षों से सतत रूप से राष्ट्र कार्य में लगा है।  त्याग का आह्वान करते हुये संजीव कुमार ने कहा कि सभी को मिल जुल कर रहते हुये, सभी के हित का विचार करते रहना चाहिये। अपने अमूल्य जीवन को सेवा और परोपकार के लिये उपयोग में लेना है, इसे ध्यान में रखते हुए सदैव त्याग के लिए तत्पर रहें।  यह भारतीय संस्कृति की ही सीख है, यही हिन्दू संस्कृति है।  हमारा कार्य हिन्दू समाज को संगठित करना है , हिन्दू समाज संगठित होगा तो भारत वर्ष अपने आप सम्पन्न होगा. समाज और देश के लिये कम से कम एक घंटा निकालो । जिम्मेदारी पूरी करने के बाद वानप्रस्थी जीवन जिओ। इस अवसर पर जिला कार्यवाह महेश कुमार, खंड संघचालक विधि चंद ठाकुर, नगर कार्यवाह पंकज कुमार, पर्यावरण प्रमुख भारत भूषण, अखिल मोहन अग्रवाल समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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