बेमौसम बारिश ने किसानों को रुलाया, बाजरा फसल में 50 से 60 प्रतिशत हुआ नुकसान
October 5th, 2019 | Post by :- | 81 Views

करौली,(अनीता सिंह)। हिंडौन क्षेत्र में इस बार गत वर्ष की अपेक्षा 46 एमएम बारिश कम होने के बावजूद किसानों को बाजरा व तिल की फसल खराबे से मुखातिब होना पड़ा हैं। इसका कारण सितंबर माह में अलविदा हो रहे मानसून की बारिश का कहर। गत वर्ष 541 एमएम तथा इस बार 495 एमएम बारिश हुई है। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में कटी पड़ी बाजरा फसल भीग जाने से काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के कई गांवों के किसान बारिश से बाजरा व तिल की फसल में 50 से 60 प्रतिशत नुकसान मान रहे हैं, जबकि कृषि अधिकारियों के अनुसार हिंडौन व नादौती क्षेत्र में 5 से 10 प्रतिशत ही नुकसान हुआ है। टोड़ाभीम क्षेत्र के कई गांवों मंे 30 से 60 प्रतिशत नुकसान माना जा रहा है। सहायक कृषि निदेशक मोहनलाल मीना का कहना रहा कि हिंडौन क्षेत्र में बाजरा फसल की अगेती बुआई की थी, इस कारण बेमौसम बारिश से पूर्व कई जगह बाजरा फसल की कटाई हो चुकी है। फसल खराबे के नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। जबकि तहसीलदार रामकरण मीना का कहना रहा कि गिरदावरी की जा रही है। नुकसान की रिपोर्ट आने पर कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
इन गांवों में 30 से 60 प्रतिशत नुकसान
कृषि विभाग के सहायक निदेशक मोहनलाल मीना का कहना रहा कि बारिश से हिंडौन व नादौती क्षेत्र में बाजरा व तिल फसल में नुकसान का आंकड़ा 5 से 10 प्रतिशत तक ही माना जा सकता है। हालांकि एक सप्ताह पूर्व आई बारिश से टोड़ाभीम के कई गांवों में बाजरा व तिल फसल में 30 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ। उस दौरान कृषि विज्ञान टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों से चर्चा की गई थी। टीम में कृषि प्रसार वैज्ञानिक डा.आरके मीना, पादप रोग विशेषज्ञ डा.रूपसिंह गुर्जर, सुरेश, सुधीर कुमार, कृषि पर्यवेक्षक आदि शामिल रहे थे। टीम द्वारा नांगल शेरपुर, बालघाट, भंडारी, मोरडा, गढमोरा, रायसना, श्रीमहावीरजी सहित कई गांवों में बरसात व बीमारी से फसल खराबे का सर्वे कर पीडित किसानों से चर्चा की। पाया कि बारिश से 30 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।

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