जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि निकायों में अपने बोर्ड बनाने के लिए भाजपा सरकार ने सभी मर्यादाओं और नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया है। गहलोत के अनुसार, भाजपा सरकार ने सरकारी मशीनरी, पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर लोकतंत्र की खुलेआम लूट की है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए कथित तौर पर एक-एक पार्षद के लिए 2-2 करोड़ रुपये तक की बोली लगाई गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षदों को कभी उनके घर को अवैध बताकर नोटिस भेजे गए तो कभी उनके प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा नए-नए मुकदमे दर्ज करने और पुलिस के सामने पेश होने के नोटिस दिए जाने का भी आरोप लगाया।
गहलोत के मुताबिक, बाड़ेबंदी में रुके पार्षदों के कैंप में पुलिस भेजकर उन्हें जबरन उठाया गया। उन्होंने कहा कि रात 12 बजे तक राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई कर चुनाव से जुड़ी याचिकाओं का निस्तारण करना पड़ा, जिसमें भाजपा सरकार को अदालत से करारा तमाचा लगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता और धनबल के दम पर जनमत को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में पारदर्शिता और नियम-कानूनों का पालन होना चाहिए।
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