भाजपा 75 पार नही बल्कि यमुना पार जाएगी : अशोक अरोड़ा
October 4th, 2019 | Post by :- | 168 Views

कुरुक्षेत्र, ( सुरेश पाल सिंहमार )      ।    थानेसर से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक अरोड़ा ने शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करवाया। इससे पूर्व सेक्टर-13 स्थित कांग्रेस भवन में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा के बाद विशाल काफिले के साथ जीप में सवार होकर अशोक अरोड़ा एसडीएम कार्यालय पहुंचे व अपना नामांकन पत्र दाखिल करवाया। अरोड़ा ने कांग्रेस भवन में अपने संबोधन में कहा कि आज से मै नई राजनैतिक पारी शुरु करने जा रहा हूँ। पहले भी थानेसर की जनता ने मुझे 4 बार थानेसर से विधायक बनाने का कार्य किया। मुझे आशा है कि अबकि बार फेर थानेसर की जनता मुझे आशीर्वाद देने का काम करेगी।

अशोक अरोड़ा ने कहा कि इस वक्त प्रदेश में कांग्रेस की लहर है और हरियाणा में पूर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनेगी। कहने को तो भाजपा 75 पार का नारा लगा रही है लेकिन प्रदेश की जनता भाजपा को अब की बार यमुना पार भेजने का कार्य करेगी। जब से हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी है कि तब से जाति-पाति और धर्म के नाम पर प्रदेश को बांटने का कार्य किया है। भाजपा ने 2014 में वोट हथियाने के लिए जो चुनावी घोषणा पत्र बनाया था चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने घोषणा पत्र को डिब्बे में बंद कर दिया। भाजपा के राज में न कर्मचारियों का हित हुआ न किसान का हित हुआ न कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का काम किया। इस सरकार से किसान, व्यापारी, कर्मचारी व सभी वर्ग नाखुश हैं।

भाजपा पर बरसते हुए अशोक अरोड़ा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरे पांच सालों में कुछ नही किया। सरकार का काम होता है लोगोंकी जानमाल की रक्षा करना, बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया करवाना, युवाओं को रोजगार देना, किसानों की फसलों का भाव देना, कर्मचारियों को सहुलियतें देना। लेकिन ये सब कार्य करने की बजाए पहली बार ऐसा इस सरकार में हुआ कि पांच साल में 100 से ज्यादा प्रदेशवासी पुलिस की गोली के शिकार हुए हैं। आज बेटियां सुरक्षित नही हैं व बेरोजगारी के कारण युवा नशे की चपेट में आ रहा है। क्लर्क के पेपर के नाम पर बेटियों तक को परेशान करने का काम किया गया। सरकार कहती है कि भ्रष्टाचार खत्म हुआ है लेकिन भ्रष्टाचार का इससे बडा सबूत क्या होगा जब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन को सस्पेंड करना पडा। आऊटसोर्सिंग पर लगने के लिए भी युवाओं को पैसे देने पडते हैं।

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