धान का अवशेष जलाने से हो रहा है वातावरण को बड़ा नुकसान
October 3rd, 2019 | Post by :- | 157 Views
धान के अवशेष जलाने से हो रहा है वातावरण में नुकसान ,प्रशासन नही दे रहा ध्यान ।

अमृतसर जिला में अभी तक 1 के खिलाफ भी नही हुई कार्रवाई ।
जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
भले ही  माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर  जुर्माना लगाने की व्यवस्था पर रोक लगा दी है ।जिसके चलते सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया तरीका ढूंढा है जिसके अनुसार  जो किसान धान के अवशेष को जलाता है ।उसकी सूचना प्रदूषण बोर्ड तैयार करेगा ।यह धान के अवशेष जलाने वाले किसानों की सूची कृषि विभाग के जिला अधिकारी को भेजेगा ।जिसके बाद कृषि विभाग सूची वाले किसानों की सब्सिडी व अन्य मिलने वाली सुविधाओं को बंद करवाएगा । बता दे कि अभी भी बहुत सारे किसानों द्वारा धान के अवशेष को अवैध रूप से जलाया जा रहा है जिससे निकलने वाला धुंआ और उसके जले अवशेष हमारी लिए खतरनाक है ।लेकिन बावजूद इसके प्रदूषण बोर्ड कोई भी कड़ा कदम नही उठा रहा ।
अभी तक नही मिली किसी भी किसान की धान का अवशेष जलाने की सूचना :जिला कृषि अधिकारी ।
अमृतसर के जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर दलबीर सिंह छीना से जब यह पूछा गया कि प्रदूषण बोर्ड से कितने उन किसानों की सूची मिली है जिन्होंने ने धान के अवशेष को अवैध रूप से जलाया है जिससे वातावरण में प्रदूषण बढ़ता है ।तो उन्होंने कहा कि आज तक मुझे कोई भी सूची प्रदूषण  बोर्ड से नही मिली है जिसमें किसी भी किसान का जिक्र हो जिसने अवशेष को जलाया है ।
धान के अवशेष जलाने की अमृतसर जिले से नही कोई रिपोर्ट :प्रदूषण बोर्ड ।
इस मामले में प्रदूषण बोर्ड अमृतसर के एक्सईन हरपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमे अमृतसर के पूरे जिले में कहीं भी धान का अवशेष जलाने  की रिपोर्ट  नही मिली ।जबकि पत्रकार ने अमृतसर जिले के मानावाला ,जंडियाला गुरु ,बंडाला ,नवां पिंड व अन्य इलाकों से  धान के अवशेष जलाने की तस्वीरों को कैद किया है ।जिससे यह साबित होता है कि वातावरण के प्रति प्रदूषण बोर्ड कितना गंभीर है ?अब देखने वाली यह बात है कि प्रदूषण बोर्ड पंजाब के चेयरमैन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं ?

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