किसानों को अच्छी सुविधा देने में नहीं रहनी चाहिए किसी भी प्रकार की कमी:-डीसी अशोक कुमार शर्मा
October 3rd, 2019 | Post by :- | 87 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) डीजीपी विजिलैंस के.पी. सिंह ने कहा कि जिला स्थित सभी मंडियों और खरीद केन्द्रों में किसानों और मजदूरों के लिए अच्छी सुविधा होनी चाहिए। अधिकारी व्यापारियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखें। धान की खरीद के बाद लदान और उठान की व्यवस्था भी सही प्रकार से हो, इस विषय पर भी ध्यान देने की जरूरत है। डीजीपी वीरवार को अम्बाला शहर की नई अनाज मंड़ी में खरीफ के सीजन में धान की खरीद को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडिय़ों में किसानों के लिए विश्राम गृह, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, शौचालय, सडक़ों की मरम्मत सही होनी चाहिए। इसके साथ-साथ मंडिय़ों और खरीद केन्द्रों में खरीदी गई फसल के उठान की भी सही व्यवस्था करें। बारदाने की कोई कमी न हो यह व्यवस्था भी लाजमी है। 
मंड़ी का दौरा करते हुए डीजीपी ने स्वयं मंडियों में आई धान की ढेरियों में नमी मापक यंत्र से नमी की मात्रा जांची तथा कांटे पर स्वयं धान की बोरियां तुलवाई। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को कहा कि धान की खरीद सबंधी विषय को लेकर पूरी तरह सावधानी बरती जानी चाहिए। विभाग के निर्देशानुसार 72 घंटे के अंदर-अंदर बेची गई फसल की अदायगी किसान को की जानी चाहिए। सभी एंजैसियों के अधिकारी अपनी तिथि और समय अनुसार खरीद और बोली का कार्य करें। इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। इस मौके उन्होंने मंडी में शौचालयों के साथ-साथ उन स्थानों का भी निरीक्षण किया जहां पर मजदूर खाना बनाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि किसानों के साथ-साथ मजदूरों की पेमैंट भी सही समय पर होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ऑनलाईन व्यवस्था बारे भी जानकारी ली। डीएफएससी, हैफड और कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि जो किसान रजिस्ट्रड है, जैसे ही उनका मोबाईल कम्पयूटर में एंटर किया जाता है उनका पूरा ब्यौरा स्क्रीन पर आ जाता है, जिसके दृष्टिïगत उन्हें गेट पास लेेने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती। किसानों द्वारा मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत किया गया पंजीकरण बहुत ही लाभकारी सिद्घ हो रहा है।
जब उन्होंने किसानों से बातचीत की तो कबूलपुर निवासी सुखदेव और सिंगपुरा निवासी धर्म सिंह ने बताया कि उन्हें पेमैंट तथा अन्य सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। मंडी में खरीद के लिए जो अधिकारियों द्वारा व्यवस्था की गई है वह ठीक है। पीने के पानी के साथ-साथ बैठने की व्यवस्था भी सही की गई है। बिजली की सप्लाई भी सुचारू रूप से जारी है। शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है।
मौके पर उपस्थित डीसी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि खरीद के दृष्टिïगत अधिकारियों के साथ कईं बार बैठके हो चुकी हैं। अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिये जा चुके हैं कि धान की खरीद के दृष्टिïगत किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखें। लदान और उठान मे किसी प्रकार की देरी नहीें होनी चाहिए। पेयजल की सुविधा सही हो, साथ ही बिजली की सप्लाई और किसान विश्राम गृह में व्यवस्था सही होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सचिवों को निर्देश दिये जा चुके हैं कि वे किसानों और मजदूरों के विश्राम के लिए शामियानों की व्यवस्था भी रखें और उनमें बिजली, पानी की व्यवस्था भी सुचारू होनी चाहिए। उन्होंने डीजीपी को विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन पूरी व्यवस्था के लिए किसी प्रकार की कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। इससे पूर्व डीजीपी विजिलैंस के.पी. सिंह और डीसी अशोक कुमार शर्मा पंचायत भवन में अधिकारियों की बैठक ली जिसमें मंडी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में सुझाव भी लिए गये और समस्याओं के सामधान के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए गये। इस मौके पर एसपी अभिषेक जोरवाल, एडीसी जगदीप ढांडा, सीटीएम कपिल शर्मा सहित सम्बन्धित अधिकारी भी उपस्थित थे। 
इस मौके पर डीएफएससी नीरज शर्मा, डीएमयू राधे श्याम, सचिव आशा तथा हैफड के डीएम वेद मलिक ने अपने-अपने विभागों द्वारा की जा रही खरीद बारे विस्तार से जानकारी दी तथा यह भी बताया कि उठान और लदान का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। डीएफएससी से जब इस संदर्भ में बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिला में धान की खरीद का कार्य शुरू हो चुका है। ग्रेड ए धान का निर्धारित मूल्य 1835 रूपये प्रति किवंटल है। कामन धान का मूल्य 1815 रूपये है। किसानों से कहा गया है कि वे अपनी धान की फसल को सुखाकर लाएं। धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जिला में 14 अनाज मंडिय़ां और खरीद केन्द्र हैं, जहां पर बारदाना इत्यादि की कोई कमी नहीं है। जिला में 8 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 74634 मिट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है जिसमें से 70725 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

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