हरियाणा में डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत 1 लाख की सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को 15 साल का रिहायशी प्रमाण पत्र देने में दी जाए छूट : नीलम कौर।
October 2nd, 2019 | Post by :- | 197 Views

(चन्द्रकान्त शर्मा)

हरियाणा राज्य में डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत आवेदक को 1 लाख रुपए की सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को 15 साल का रिहायशी प्रमाण पत्र देना होता है तभी जाकर सहायता राशि आवेदक को मिल पाती है। परंतु 15 साल का रिहायशी प्रमाण पत्र आवेदक द्वारा न दिए जाने की स्थिति में उसका आवेदन समाज कल्याण विभाग द्वारा रद्द कर दिया जाता है, जिस कारण आवेदकों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है। कालका शहर की निवासी नीलम कौर ने बताया कि दिनांक 14 जून 2019 को उसके पति सुमित खत्री का सरकारी हॉस्पिटल, सेक्टर-16, चंडीगढ़ में निधन हो गया था जो कि दिनांक 30 मई 2019 को फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) के एरिया में रोड एक्सीडेंट के दौरान गम्भीर रूप से जख्मी हो गया था। नीलम कौर ने बताया कि वह मूलरूप से हिमाचल की रहने वाली है तथा कालका जिला पंचकूला (हरियाणा) में पिछले 7-8 सालों से रह रही है। पिछले 2 सालों से वह अपने बनाए गए मकान में परिवार सहित रह रही है, इससे पहले वह किराए पर रह रही थी। नीलम कौर का कहना है कि उसके 2 छोटे बच्चे हैं, जिसमें लड़का 5 साल व बेटी 1 साल की है। बच्चे छोटे होने के कारण वह नौकरी करने में भी असमर्थ है।

नीलम कौर का कहना है कि यदि दूसरे राज्य की कोई लड़की शादी के बाद हरियाणा में बस जाती है, वह हरियाणा की ही निवासी हो जाती है। उसके पति की किसी कारणवश हुई मौत पर सरकार द्वारा सहायता प्राप्त करने के लिए वह विधवा 15 साल का रिहायशी प्रमाण पत्र देने के लिए बाध्य नहीं होनी चाहिए। नीलम कौर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से विभिन्न विभागों में धक्के खाने के बावजूद उसका डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं बन पाया है।

नीलम कौर का आरोप है कि हरियाणा सरकार एक तरफ तो नारा देती है कि “आपकी बेटी, हमारी बेटी” तो दूसरी तरफ अन्य राज्यों से शादी करके प्रदेश में बसी बेटियां दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हैं। प्रदेश सरकार असहाय महिलाओं का जीवन सुधारने व उनको कल्याणकारी योजनाओं की सुविधा देने की बात तो करती है, परंतु 15 साल रहने की शर्त लगाकर उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रख रही है। नीलम कौर की सरकार से अपील है कि प्रदेश में रह रही बहु-बेटियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए विधवा पेंशन एवं डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत राशि प्राप्त करने के लिए प्रदेश में 15 साल रहने की शर्त को हटाया जाए ताकि असहाय व गरीब परिवार की महिला सरकार से सहायता राशि प्राप्त करके अपने बच्चों का सही प्रकार से पालन पोषण कर सके।

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