लोक कलाओं से लेकर प्रशासनिक सेवाओं के विद्यार्थी तैयार कर रहा विश्वविद्यालय  – राज नेहरू |
October 1st, 2019 | Post by :- | 96 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- एसवीएसयू उद्योग जगत के साथ मिलकर उनकी आवश्यकतानुसार कौशल युक्त पाठयक्रमों की करेगा रचना |

विश्वविद्यालय कौशल विकास की गुणवत्ता के मानक तैयार कर युवाओं को कौशल युक्त करने का काम करेगा |

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की तरफ़ से स्कील परिषद् की तीसरी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शैक्षणिक कार्यक्रमों को लेकर विभिन्न प्रकार के निर्णय लिये गये। बैठक की अध्यक्षता कुलगुरू राज नेहरू ने की एवं अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोक कलाओं से प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षा पास करने तक जिस प्रकार के कौशल की आवश्यकता है उसके लिये विश्वविद्यालय रात-दिन प्रयास कर रहा है। मौजूदा समय में भारतीय युवा जिस प्रकार किसी भी क्षेत्र में उपाधि होने के बावजूद भी कौशल मुक्त नहीं है परिणामत उनकी उपाधियां रोजगारपरक नहीं है लेकिन श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय युवाओं की उपाधि से पहले उन्हें कौशल युक्त करता है, तथा उनकी उपाधि पूर्णतया रोजगारपरक है।

राज नेहरू ने बताया कि स्कील परिषद की बैठक के दौरान तय हुआ कि एसवीएसयू उद्योग जगत के साथ मिलकर उनकी आवश्यकतानुसार कौशल युक्त पाठयक्रमों की रचना करेगा तथा उद्योग जगत की मांग के अनुरूप प्रोफेशनल विद्यार्थी तैयार करेगा। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम 6X6 के प्रारूप पर आधारित है जिसमें शिक्षार्थी छह महीने विश्वविद्यालय में रहकर शिक्षा अर्जित करता है एवं अगले छह महीने उद्योग जगत में कार्यस्थल पर कार्य कर कौशल में निपुणता हासिल करता है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय भारत का प्रथम ऐसा विश्वविद्यालय है जिसमें विद्यार्थी पढ़ाई के साथ साथ वजीफा भी मिलता है एवं विद्यार्थी सीखो एवं कमाओं की पद्वति पर कार्य करता है। विद्यार्थियों के सभी कार्यक्रम इडंस्ट्री के साथ मिलकर किये जा रहे हैं। यहीं विशेषता विश्वविद्यायय को अन्य विश्वविद्यालयों से भिन्न क्षेणी में रखता है, तथा युवाओं को कौशलयुक्त कर रोजगार की संभावनाएं प्रदान करता है।

विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रम एनएसक्यूएफ की संरचना के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर प्रकार की शिक्षा प्रदान हो। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि विश्वविद्यालय अन्य शैक्षणिक संस्थाओं एवं उद्योगों  को कौशल से संबंधित विभिन्न प्रकार की परामर्शदात्री सेवाएं प्रदान करने के लिए अग्रसर है, इस प्रकार की सेवाओं के तहत किसी भी संस्थान को कौशल विकास के लिए चलाएं जा रहे पाठयक्रमों तथा अन्य सेवाओं के लिए परामर्श प्रदान कर सहयोग किया जाएगा।

विश्वविद्यालय कौशल विकास की गुणवत्ता एवं उपयोगिता के मानक तैयार कर भारत में युवाओं को कौशल युक्त करने का काम करेगा। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिये चार केड्रिट का पाठ्यक्रम मूल्य एवं नैतिकता विषय पर चलाया रहा है जिसके अंतगर्त भारत बौद्व के बारे में गहन जानकारी प्रदान करने की विश्वविद्यालय की अह्म कोशिश है, जिससे विद्यार्थियों का देश को लेकर बौद्विक विकास हो एवं वह देश की विभिन्न शैलियों को बारीकी से जाने एवं समझे। मानव मूल्य पाठ्यक्रम के अंतगर्त विद्यार्थी नैतिकता, मानवीय अखंडता, ईमानदारी, समाज के लिए जिम्मेदारी, सहानुभूति, रक्तदान करने की शपथ के अलावा भारत के विभिन्न पहलुओं पर काम करेगा।

स्कील परिषद की बैठक के दौरान तय हुआ कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सामग्री प्रदान करने के लिये बेहतर परामर्शदाती सेवाएं के साथ मिलकर पाठ्य सामग्री डिजाईन की जाएगी, जिससे विद्यार्थी कौशल से संबंधित बेहतर अध्ययन करेगें। इंडस्ट्री 4.0 लेटेस्ट टैक्नॉलॉजी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी नई-नई तकनीकों को सीखें, जिसमें थ्रीडी टैक्नॉलॉजी, स्मार्ट सेंसर, एंडवासंड रोबोटिक्स, बिग डेटा एनालिटिक्स, 3 डी प्रिटिंग, क्लाउंड कंम्यूटिंग, लॉकेशन डिटेक्शन, रोबोटिक्स से लेकर आर्टीफिशल इंटेलिजेश शामिल है।

विश्वविद्यालय के शिक्षक विभिन्न उद्योगों के साथ मिलकर कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट पर काम करेगें। इसके तहत विश्वविद्यालय के अलग-अलग संकायों के प्रोफेसर, इंडस्ट्री एवं संगठनों के प्रोजेक्टस पर शोध कार्य करेंगें यह शोध कार्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य से ज्ञान एवं बौद्विक आदान-प्रदान होगा, जिससे एसवीएसयू के विद्यार्थियों का ज्ञानार्जन बेहतर होगा। विद्यार्थी भी इस प्रकार के प्रोजेक्टस में शामिल होकर स्वयं का विकास कर सकते हैं।

राष्ट्र सेवा का जज्बा रखने वाले विद्यार्थियों के लिये विश्वविद्यालय प्रशासनिक सेवाओं के लिये विद्यार्थी तैयार कर रहा है एवं विद्यार्थियों की बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है, इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए दूरदर्शी नेतृत्व के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रशासनिक सेवाओं में बेहतर सेवाएं देने वाले संस्थानों से संपर्क किये हैं। जिससे विद्यार्थी प्रशासनिक सेवा के लिये खुद को तैयार करें एवं उच्च स्तर की तैयारी वह विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हुए ही प्राप्त कर ले।

बैठक के दौरान सभी कार्यसूची पर उपस्थित सदस्यों ने सहमति प्रदान की। बैठक के दौरान सदस्य सचिव के तौर पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. ऋतु बजाज एवं सदस्य के तौर पर प्रो. आरएस राठौर, प्रो. ज्योति राणा, प्रो. ऋषिपाल, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, डॉ. राजसिंह अंटिल, डॉ. मोहित कुमार श्रीवास्तव, डॉ. दीलिप रैना, कर्नल यूएस राठौड, श्रीमती चंचल भारद्वाज, बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन, भिवानी से एसिस्टेंट डायरेक्टर संजय शर्मा, जीआईटीआई गुरूग्राम से ऋषिराम, रविन्द्र, प्रिया मिश्रा आदि मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

 

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