“करके देखो अच्छा लगता है! ” (राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर विशेष )
September 30th, 2019 | Post by :- | 130 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :-  आर्यवीर लायन विकास मित्तल

दोस्तों राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस प्रतिवर्ष 1अक्टुबर को मनाया जाता है। क्या आप रक्तदान करते है ?  क्या कहा नही ? ये तो गलत बात है राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाने में मजा तभी आयेगा जब सभी लोग 90 दिन के बाद खुद रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक पहुचें। अभी भी जागरुकता की कमी और वक्त पर रक्त न मिलने की वजह से की न जाने कितने नवजात शिशु अपनी मांओ से बिछुड जाते है। रक्त की जरुरत पडने पर हर व्यक्ति ब्लड बैंक का रुख करता है और रक्त न मिलने पर बैंक कर्मचारियों को बुरा भला बोलता है जोकि सही नही है क्योकि सोच कर देखिए कितनी बार आपने वक्त बेवक्त रक्तदान किया है ?

किसी भी व्यक्ति को दोष देने बजाए अब वक्त आ गया है कि हम सभी को हर तीन महीने के बाद स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना होगा। हालाँकि अब समाज के कुछ जुनूनी युवा साथी देश के विभिन्‍न शहरों में डोनर्स क्लब बनाकर आपातकाल में रक्तदान और स्वैच्छिक रक्तदान करने के साथ लोग को जागरुक करके रक्तदान की इस मुहिम से जोड रहे है। आज देश के लगभग हर राज्य के युवा साथी इस रक्तदान की मुहिम से जुड रहे है। ऐसा ही एक क्लब पलवल शहर में पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज पिछले 5 साल से रक्तदान इस मुहिम से जुडने के लोगो को जागरुक कर रहा है।

पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज के संस्थापक और मुख्य संयोजक आर्यवीर लायन विकास मित्तल  बताते है कि अब लोगो मे धीरे धीरे जागरुकता दिखाई देने लगी है पिछले चार सालों में पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज ने शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर 82 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया है। रक्त की कमी के कारण देश भर में हर साल लाखो लोगो की मृत्यु हो जाती है। आंकड़ो के अनुसार देश में हर साल 4 करोड़ यूनिट खून की आवश्यकता होती है, पर मुश्किल से 40 से 50 लाख यूनिट रक्त ही रक्तदान के द्वारा एकत्रित हो पाता है। हर 2 सेकंड में किसी न किसी को रक्त की जरुरत होती है और ऐसे में हर दिन लगभग 38000 रक्तदाता की जरुरत है।

पलवल डोनर्स क्लब की सह संयोजक अल्पना मित्तल बताती है कि अगर किसी देश की जनसंख्या का मात्र 1 से 3 प्रतिशत भी रक्तदान करता है तो वह उस देश की जरूरत पूरी कर सकता है, परंतु विश्व के 73 देशों में जनसंख्या के 1 प्रतिशत से भी कम लोग रक्तदान करते है। अल्पना और विकास मित्तल खुद भी 35 बार रक्तदान कर चुके है|

रक्तदान क्यों करे ??

जीवनदान है रक्तदान। हम सब के  द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना कोई रक्त के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। उस वक्त हम नींद से जागते हैं और उसे बचाने के लिए खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते हैं।

दोस्तों अब तक कोई  ऐसी मशीन या फैक्ट्री नहीं बनी है जो की कृत्रिम रक्त तैयार कर सके। हम और आप ही  रक्तदान करके रक्त की कमी या जरुरत को पूरा कर सकते है। प्रतिवर्ष करोडो लोगो को रक्त की जरुरत होती है पर कुछ किस्मतवालो को ही रक्त मिल पाता है।  कई दुर्घटनाओं के दौरान में ही सैकडों  यूनिट रक्त की जरुरत पड सकती है।

एक बार रक्तदान करके आप 3 लोगो की जान बचा सकते है।  अगर आप 18 साल की उम्र से 65 साल की उम्र तक हर 90 दिन बाद रक्तदान करते है, तो आप इस दौरान लगभग 30 गैलन रक्तदान करके लगभग 500 लोगो की जान बचा सकते है। हमारे देश में सिर्फ 7% लोगो का  रक्तग्रुप O – है। आपातकाल के समय या नवजात बालक जिनका रक्तग्रुप पता न हो, ऐसे समय ‘O -‘ रक्त बहुत उपयोग में आता है। देश में सिर्फ 0.4% लोगो का रक्तग्रुप ‘AB’ होता है। आपातकाल में इस रक्तग्रुप के प्लाजमा का उपयोग किसी भी रक्तग्रुप के व्यक्ति  के लिए कर सकते है।

रक्तदान कैसे किया जाता है ?

एक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में लगभग 10 यूनिट  (लगभग 5 से 6 लीटर) रक्त मौजूद होता है। रक्तदान के समय सिर्फ 1 यूनिट रक्त ही लिया जाता है। रक्तदान की प्रक्रिया काफी सरल है और इसमें डरने की ज़रा भी जरुरत नहीं है|

रक्तदान करने से पूर्व :-

#सबसे पहले आपका रजिस्ट्रेशन होता है।

#आपका नाम, उम्र, पता इत्यादि जानकारी ली जाती है।

#आपकी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जाती है।

# फिर आपका रक्तचाप, धडकन, वजन, तापमान के बाद रक्तग्रुप और हिमोग्लोबिन के लेबल की जाँच की जाती है।

# रक्तदान करने योग्य पाए जाने पर आपको कक्ष में पलंग या एक विशेष कुर्सी पर लिटाया जाता है। आप के हाथ से 1 यूनिट (350ml.) रक्त 10 से 15 मिनटों में लिया जाता है।

# रक्तदान करने के बाद, एक बार फिर से आपका रक्तचाप और दिल की धडकनों की जांच की  जाती है और बाद में आपको दुध-बिस्कुट , फल, जुस आदि दिया जाता है।

# रक्तदान के बाद लगभग 2 घंटे तक वाहन न चलाए ।

# रक्तदान के बाद रक्तदान प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।

रक्तदान कौन कर सकता है ?

# आपकी उम्र 18 से 65 साल के बीच है।

# आपका वजन 45 Kg या उससे ज्यादा है।

# आपकी दिल की धडकन 50 से 100/min के बीच होनी चाहिए।

# शरीर का तापमान 99.5°F से कम होना चाहिए।

# शरीर का रक्तचाप 90 mm/Hg से 160 mm/Hg के बीच होना चाहिए।

# रक्त मे हीमोग्लोबिन (Hb) की मात्रा 12.5 gm/dl से ज्यादा होना चाहिए।

# पुरुष 90 दिन और महिलाए 120 दिन के बाद दोबारा रक्तदान कर सकते है।

# आप स्वस्थ है और आपको मलेरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस इत्यादि संक्रामक बीमारी नहीं है या काफी समय से नहीं हुई है।

रक्तदान कौन नहीं कर सकता है ??

# पिछले रक्तदान के समय काफी चक्कर या थकावट महसूस की हो।

# अगर आपको बार-बार रक्त चढाया गया हो।

# महिलाए मासिक रक्तस्त्राव के समय रक्तदान से परहेज करे ।

# अगर रोजना आप को कोई दवायी लेते हो।

# 24 घंटे के भीतर शराब का सेवन किये हुए व्यक्ति।

# अगर आप HIV + है या आप में एडस के निचे दिए गए लक्षण मौजूद है।

जैसे की :-

1.बेवजह वजन कम होना।

2.रात के समय काफी पसीना आना।

  1. शरीर या मुंह में नीले, जामुनी या लम्बे समय से सफ़ेद दाग या धब्बे होना।
  2. गर्दन/बगल या शरीर के किसी हिस्से में लम्बे समय से गांठ होना।
  3. बार-बार बीमार होना या 99.5°F से ज्यादा का बुखार आना।

6.एक महीने से ज्यादा समय तक दवा लेने के बाद भी दस्त की तकलीफ ठीक न होना।

  1. अगर आप कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह (जो लगातार इन्सुलिन इन्जेक्सन ले रहे हो), संक्रामक पीलिया, किडनी की बीमारी, कुष्ठ रोगी , मिरगी आदि से पीडित है ।

रक्तदान करने के फायदे :-

# रक्तदान करने से हृदय गति रुकने और कैंसर होने की आशंका कम हो जाती है।

# शरीर में कोलस्ट्राल की मात्रा घटती है।

# रक्तदान करने से वजन कम करने मे मदद मिलती है क्योंकि एक बार रक्तदान करने पर लगभग 650 कैलोरी ऊर्जा खर्च हो जाती है।

# रक्तदान करने से जरुरत से ज्यादा की आयरन की मात्रा कम हो जाती है। बहुत ज्यादा आयरन होना भी रक्तवाहिनियो के लिए नुक्सानदेह होता है।

# रक्तदान करने वालो में ह्रदय रोग की आशंका 33% कम हो जाती है।

# मानव शरीर रक्तदान के रूप में दिए गए रक्त की मात्रा की पूर्ति 24 घंटे में और कोशिकीय भाग की पूर्ति 1 से 2 माह के अन्दर पूरा कर लेता है। इससे शरीर की कार्यक्षमता और रोग प्रतिकार शक्ति बढती है।

# रक्तदान करने से अस्थि मज्जा सक्रीय बना रहता है, जो रक्त निर्माण में सहायक होता है।

# रक्तदान करने से शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया में तेजी आती है।

# नियमित रक्तदाता में रक्त बनने की क्षमता उम्र के बढ़ने पर भी लगभग सामान्य बनी रहती है।

# रक्तदान के वक्त आप की मुफ्त में शारीरिक जाँच और रक्त की जाँच भी होती है।

# रक्तदान कर के आप किसी को पुनर्जीवन प्रदान करते है। आप सिर्फ एक जिंदगी नहीं बल्कि उनसे जुडी कई अन्य जिंदगियो की भी मदद करते है।

रक्तदान कर हम कई जिंदगीया बचाने का पुण्य कार्य करने का मौक़ा मिलता है। रक्तदान से शरीर पर कोई कुप्रभाव नहीं पड़ता है और न ही किसी प्रकार की हानि होती है। रक्तदान महादान है।

आप सभी से प्रार्थना है की, आज ही  रक्तदान करने का संकल्प ले और किसी जरूरतमंद की सहायता करने की हर संभव कोशिश करे। आप जरुरत पड़ने पर रक्तदान करने के लिए अपने शहर के ब्लड बैंक में अपना नाम, पता, ब्लड ग्रुप और मोबाइल नम्बर दर्ज करे ताकि किसी व्यक्ति को खून की जरुरत के समय आपसे संपर्क हो सके।  आप अपने अपने मित्रो या रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपने समाज में या वाटस अप, फेसबुक आदि पर ग्रुप बना सकते है। आर्यवीर लायन विकास मित्तल बताते है कि उन्होने भी अपनी मुहिम फेसबुक , वाटस अप आदि की मदद से एक साल पूर्व शुरु की थी और आज देश लगभग सभी राज्यों के रक्तदाता इस मुहिम से जुड गये है। अब आपातकाल में देश के विभिन्‍न शहरो में लोग रक्तदान के लिए आगे आने लगे है। आप सभी इस मुहिम से जुड सकते है|

वैसे तो धनदान करते है सभी, क्या जीवन दान किया है कभी ?

वैसे तो श्रमदान करते है सभी, क्या अंगदान किया है कभी ?

वैसे तो कन्यादान करते है सभी, क्या नेत्रदान करवाया है कभी?

वैसे तो वस्त्रदान करते है सभी, क्या रक्तदान किया है कभी ?

करके देखो अच्छा लगता है…… आर्यवीर लायन विकास मित्तल मुख्य संयोजक पलवल डोनर्स क्लब “ज्योतिपूंज” एक किरण उम्मीद की….

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