नवरात्र शुरू , विधि विधान के साथ की गई कलश स्थापना
September 30th, 2019 | Post by :- | 99 Views

 

सोनीपत, लोकहित एक्सप्रैस, ( अश्वनी गोयल ) l
पूरी श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो गया । पहले दिन मां शैलपुत्री की श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना की गई। पूर्वी जन कल्याण समिति के तत्वावधान में ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी, एक्सटेंशन में नवरात्र के पहले दिन विधि विधान के साथ कलश स्थापना की गई। यहां भव्य पंडाल बनाया गया है, जिसमें देवी की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंडित रामशंकर शास्त्री ने कहा कि हिंदू धर्म में नवरात्र का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। शारदीय नवरात्र इस बार कई संयोग लेकर आएं हैं। जिससे भक्तों को शुभ फल की प्राप्ति होगी। इस बार माता के भक्तों को मां की उपासना करने के लिए पूरे नौ दिनों का समय मिलेगा।  जबकि दसवें दिन मां को विधि-विधान के साथ विदाई दी जाएगी। ऐसा दुर्लभ संयोग लंबे समय बाद बना है। नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा की जाती है. दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्माण्डा, पांचवे दिन स्कंदमाता, छठवें दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री को पूजा जाता है। मां दुर्गा के पहले स्वरूप को शैलपुत्री  के नाम से जाना जाता है। यह नवरात्रि में पूजी जाने वाली सबसे पहली माता हैं। इनके नाम को लेकर मान्यता है कि शैल का अर्थ होता है पर्वत। पर्वतों के राजा हिमालय के घर में पुत्री के रूप में यह जन्मी थीं। इसीलिए इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है. इन माता के हाथ के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल होता है।

रविवार को ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी, एक्सटेंशन में सुबह से ही श्रद्धालुओं व समिति के सदस्यों ने पूजा स्थल पर एकत्रित होकर पूजा अर्चना की व श्रद्धापूर्वक  कलश की स्थापना की गई। पूर्वी जन कल्याण समिति के सचिव प्रभात चौधरी ने कहा कि समिति की ओर से दुर्गा पूजा समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। पूजा पंडाल को आकर्षक रूप दिया जा रहा है। मूर्तिकार देवी की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

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