हसनपुर के “पथवारी मन्दिर” में नवरात्रों में लौटी रौनक |
September 29th, 2019 | Post by :- | 363 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :-  जिले के कस्बा हसनपुर के प्राचीनतम व प्रसिद्ध पथवारी मन्दिर में एक बार फिर से रौनक लौट आई हैं | आये दिनों में भी इस मन्दिर में पूजा अर्चना होती ही हैं परन्तु इस मन्दिर का नवरात्रों में विशेष महत्त्व हैं और नवरात्रों में मन्दिर परिसर की विशेष सजावट भी की जाती हैं | मन्दिर के महन्त बुद्धगिरी महाराज ने बतलाया इस मन्दिर में बिना भेद-भाव के दोनों नवरातों में विशेष पूजा होती हैं | भक्तों का भी मानना है कि माँ का यह मन्दिर चमत्कारी हैं सच्ची मनोकामना लेकर आने वाले भक्त पर माँ कृपा अवश्य करती हैं |

बुद्धगिरी महाराज ने बतलाया आज प्रथम नवराता हैं जिसमें मां शैलपुत्री की पूजा होती हैं | कहा जाता हैं माँ दुर्गा अपने पहले स्वरूप में शैलपुत्री के नाम से जानी जाती हैं | पर्वतराज हिमालय के यहाँ पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री नाम पड़ा था |

माता के इस स्वरूप में माता के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बायें हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित है यही नव दुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं |

मन्दिर परिसर में मौजूद भक्तजन लाला प्रकाश, रुमाल भगत, टीटू सैनी, सतपाल भोले, पप्पू बघेल, बाबा गोपालदास, कुलदीप बघेल आदि को बाबा महन्त बुद्धगिरी ने बताया कि माँ शैलपुत्री का विवाह भी शंकर जी के साथ हुआ और पुनर्जन्म की भान्ति इस जन्म में शिवजी की अर्द्धांगिनी बनीं नवदुर्गा में प्रथम शैलपुत्री का महत्व और शक्तियाँ अनन्त हैं |

प्रथम दिवस इन्ही की की पूजा और उपासना की जाती हैं इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को मूलाधार चक्र में स्थित करते हैं | भक्तों में  इस मन्दिर के प्रति विशेष महत्व बताया गया |

 

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