प्रशासन की बंद आंख पर पट्टी बांध आंवटन हुई भूमि के खुलते राज पर प्रशासन का सख्त रवैया
September 29th, 2019 | Post by :- | 75 Views

No koजयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । कहा जाता है कि झूठ के पांव नहीं होते हैं,शायद इसी कारण वह ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाता है। और यह वाक्य अब सार्थक सा होता भी नजर आ रहा है। राजधानी के चौमूं विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हाडौता पंचायत में प्रशासन की आंखों पर पट्टी बांध गौचर भूमि को एमजेएफ शिक्षण संस्थान के द्वारा आवंटन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। एमजेएफ शिक्षण संस्थान के द्वारा आंवटित भूमि की शिकायत पर चल रही जांच में शुक्रवार को जिला परिषद जयपुर के एडीशनल सीओ ने मामले को भ्रष्टाचार सम्बंधित मानते हुए पंचायती राज को फ़ाइल सौंपते हुए कहा है कि मामला भ्रष्टाचार से सम्बंधित होने के कारण जांच एंटी क्रप्शन ब्यूरो को सौंप दी जाए। मामले पर गौर करें तो जिस कालेज में शिक्षण संस्थान का आए दिन छात्रों के साथ विवाद सामने आता है। उस शिक्षण संस्थान की नींव कई काले कागजों पर टिकी हुई है। जहाँ एक ओर आवंटन के लिए नियम कायदे कहते हैं कि पंचायत की एनओसी बिना आंवटन नहीं हो सकता है। वहीं दूसरी ओर पंचायत के सरपंच व पंचायत प्रशासन एनओसी का रिकार्ड नहीं होना बताते हैं। जिससे यह साफ तौर पर साबित होता है कि आंवटन के समय तत्कालीन सरकार व प्रशासन ने मिलीभगत कर रसूखदारों को गायों का निवाला दे दिया है। वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थान नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए करोड़ों रुपए की भूमि को कौडियो के दाम में फर्जी तरीके से आवंटन करवा लेता है। लगभग 15 साल पहले गौचर भूमि को लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा के लिए विधालय खोलने के नाम पर लगभग 19 बीघा गौचर भूमि आवंटित करवा ली। लेकिन आपको बता दें कि आंवटन भूमि पर आज विधालय की जगह कॉलेजों की बड़ी बड़ी इमारत खड़ी कर शिक्षण संस्थान अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहा है।

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