“पहले मतदान, फिर जलपान, और फिर रक्तदान” मुहिम के अन्तर्गत रक्तदान कर मतदान करने की 61 रक्तवीरों ने ली शपथ |
September 28th, 2019 | Post by :- | 136 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :-  “पहले मतदान, फिर जलपान, और फिर रक्तदान” मुहिम के अन्तर्गत पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज और सियाक एस के एच इण्डिया कैबस मैन्युफैक्चरिंग प्रा.लिमिटेड पृथला के संयुक्त तत्वावधान में कम्पनी के परिसर में जिला रेड क्रॉस सोसायटी पलवल के सहयोग से लाईफलाइन चैरिटेबल ब्लड बैंक की मदद से एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में 61 रक्तवीरों ने रक्तदान कर 21 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में मतदान करने की शपथ ली ।

शिविर की अध्यक्षता पलवल डोनर्स क्लब के मुख्य संयोजक आर्यवीर लायन विकास मित्तल और सियाक एसकेएच इण्डिया कैबस मैन्युफैक्चरिंग प्रा.लिमिटेड पृथला के बिजनेस हैड अरविन्द गौतम  ने की। शिविर का संयोजन कम्पनी के एच आर हैड नीरज त्यागी और क्लब की सह संयोजक अल्पना मित्तल ने किया।

शिविर का शुभारम्भ सियाक एस के एच इण्डिया कैबस मैन्युफैक्चरिंग प्रा.लिमिटेड पृथला के प्लांट हैड सरबजीत सिंह ने किया। पलवल डोनर्स क्लब के मुख्य संयोजक आर्यवीर लायन विकास मित्तल ने रक्तदाताओ का धन्यवाद देते हुए बताया कि वर्तमान में रक्तदान को श्रेष्ठ दान कहा गया है। ठीक उसी प्रकार लोकतंत्र में मतदान भी श्रेष्ठ दान है। यदि आप रक्तदान करते हैं तो किसी एक व्यक्ति की जान बचाते हैं, वही मतदान करते हैं तो आपके एक वोट से समृद्ध राज्य का निर्माण हो सकता है।

इसलिए सबसे पहले मतदान, उसके बाद में जलपान और फिर रक्तदान जरुर करें। जब तक आप वोट नहीं करेंगे, तब तक मजबूत लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती। शिविर में 1 महिला और लगभग 40 रक्तदाताओ ने पहली बार रक्तदान करके लोगों को रक्तदान व मतदान करने के लिए जागरुक किया। अरविन्द गौतम ने कहा कि हम सभी का उत्तरदायित्व है कि रक्तदान करने के साथ अपने मतदान का भी सदुपयोग जरुर करे। मजबूत लोकतंत्र बनाने का अधिकार सिर्फ मतदाताओं के हाथ में है। मतदाता जैसा चाहें, वैसा लोकतंत्र बना सकते हैं

शिविर को सुचारू रूप से चलाने के लिए श्री चन्द देशवाल,  राजीव डागर,गोविन्द सिंह, जगबीर रुद्र नारायण मित्तल, कमलेश , मोनिका, मनीषा, देवेन्द्र, भीम आदि ने विशेष सहयोग दिया।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।