पीलीभीत की कान्हा प्रिय बाँसुरी नगरी के कारीगरों ने विश्व की सबसे बड़ी बाँसुरी बनाकर इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड किया कायम
December 19th, 2021 | Post by :- | 108 Views

पीलीभीत में कान्हा की प्रिय बाँसुरी नगरी में पहले बाँसुरी चौराहा बनाए जाने के बाद तीन दिवसीय आयोजित बाँसुरी महोत्सव में देश की सुप्रसिद्ध बाँसुरी कारीगर रइस अहमद व उनकी टीम ने विश्व की सबसे लंबी 16 फिट की बाँसुरी बनाकर इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। आपको बता दें अब तक के रिकार्ड में विश्व की सबसे लंबी बाँसुरी जाम नगर गुजरात के नाम से 11 फिट का रिकार्ड बनाया गया था, जिसको पीलीभीत के बाँसुरी कारीगरों ने तोड़कर सबसे लंबी लगनग 16 फिट की बाँसुरी को बनाकर वर्ल्ड रिकार्ड कायम किया है।जिसको लेकर पीलीभीत में आयोजित बाँसुरी महोत्सव में पहुँचे precedence worlds record of india & genius foundation गुजरात पवन सोलंकी ने प्रमाण पत्र देकर बाँसुरी कारीगर राइस अहमद व जिलाधिकारी पुलकित खरे को सम्मानित किया गया है। वहीं पूरे मामले पर जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप एक जिला एक उत्पाद के तहट सहेजी गई बाँसुरी उद्योग को लेकर जिले में लगभग हजारो कारीगर बासुरी को बनाया करते थे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार की मंशा के अनुरूप जिले की विश्व विख्यात बाँसुरी कारीगरों व उनके उद्योग को नई उन्नति देने के लिए बांसुरी महोत्सव का आयोजन कर विश्व विख्यात बाँसुरी वादक राजेन्द्र प्रसन्ना, पं. राकेश चौरसिया, सहित सुसस्जिमिता व देव प्रिया जैसे बांसुरी कलालकारो के साथ बासुरी कारीगरों का उत्साह वर्द्धन कर बाँसुरी करीगरों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व की सबसे विशाल बाँसुरी का रिकार्ड कायम कर उद्योग को नई उन्नति देने का प्रयास किया गया है। जिससे आने वाले दिनों में बाँसुरी उद्योग को बढावा मिल सके।

*सुप्रसिद्ध बाँसुरी वादक पं. राकेश चौरसिया व देवप्रिया ने विश्व की सबसे लंबी 16 फिट बाँसुरी को बजाकर विश्व रिकार्ड कायम कर बाँसुरी कारीगर राइस अहमद को दी शुभकामनाएं*

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पीलीभीत में बीते कई वर्षो से बाँसुरी बनाने का काम कुछ ही घरो में सिमट कर रह गया था, लेकिन योगी सरकार में एक जिला एक उत्पाद के तहत सहेजे गए बाँसुरी उद्योग में सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी व योजनाओ को लेकर एक बार फिर बाँसुरी करीगरों ने उद्योग को पंख लगाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटा दी, और फिर क्या सरकार से अनुदान मिलने के साथ साथ पीलीभीत जैसे पिछड़े जिले को अब बाँसुरी नगरी या बाँसुरी सिटी के नाम से जाना जा रहा है,, शहर में आते ही मुख्य बांसुरी चौराहे का देखने को मिलता है और विश्व की सबसे बड़ी बाँसुरी का भी विश्व रिकार्ड पीलीभीत ने तोड़ कर लगभग 16 फिट की बाँसुरी बनाकर कायम किया है। और पीलीभीत जिले में अब घर घर मे बाँसुरी कारीगरों द्वारा युवाओं को भी इस उद्योग से जुड़ता देख उनके चेहरे पर खुशी दिख रही है। यही वजह की शहर के मुख्य बाजार से लेकर शरीफ खा, मदीना शाह सहित पूरनपुर, कलीनगर, सहित बीसलपुर तहसीलों में बाँसुरी बनाने का काम किया जा रहा है। इससे पहले पीलीभीत जिले में लगभग 100 वर्ष से अधिक नवी एंड संस परिवार के नवी हसन साहब की बाँसुरी की कारीगरी किया करते थे, लेकिन आज नबी एंड संस् के परिवार की चौथी पीढ़ी न केवल बाँसुरी बनाने का काम कर रही है बल्कि नए युवा कारीगरों को बासुरी बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का काम भी कर रहे है । और योगी सरकार की योजनाओं से खुश होकर एक बार फिर कारीगरों के बीच योगी सरकार बनाए जाने लिए प्रयासरत मांग कर रहे है।

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