राष्ट्रीय पोषण माह में जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित।
September 27th, 2019 | Post by :- | 133 Views

बीकानेर,(मनीष)।  “सही पोषण देश रोशन” व “पोषण त्यौहार से व्यवहार” के मूल मन्त्र के साथ पूरे भारत वर्ष सहित बीकानेर में भी राष्ट्रीय पोषण माह को लेकर विभिन्न गतिविधियाँ जोरों पर हैं। शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों व आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमे एएनएम, आशा व कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं-बच्चों को स्तनपान, गर्भवती के लिए सही भोजन, धात्री माँ की डाईट, किशोर-किशोरियों की खास पोषण जरूरतों सहित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी गई।
यूपीएचसी मुरलीधर व्यास कॉलोनी व यूपीएचसी न. 6, नत्थूसर गेट में आयोजित कार्यक्रमों का उदघाटन डिप्टी सीएमएचओ डॉ योगेन्द्र तनेजा, डीपीएम सुशील कुमार व आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य ने किया। गर्भवतियों की गोद भराई व बच्चों की अन्न प्राशन रस्मे की गई। यूपीएचसी मुरलीधर व्यास कॉलोनी में आशा उर्मिला बिश्नोई, सुमित्रा व मधु पालीवाल ने पोषण रंगोली बनाकर संतुलित आहार का सन्देश दिया। इस अवसर पर डॉ केदार शर्मा, डॉ अनंत प्रकाश, पीएचएम संजय कुमार, एसीडीओ शिव कुमार व्यास सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। यूपीएचसी न. 6 में आशा कांता रंगा ने पोषण रंगोली सजाकर जंक फूड से बचने का प्रचार किया। इस अवसर पर डॉ शर्मिष्ठा व पीएचएम रीतेश शर्मा सहित स्टाफ के अन्य लोग मौजूद रहे।

स्वास्थ्य कार्यक्रमों के केंद्र में पोषण……         सीएमएचओ डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि पोषण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का एक सतत कार्यक्रम है फिर भी राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान इसे जन-जन तक पहुंचाने के विशेष प्रयास जारी हैं। दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, माँ, साप्ताहिक आयरन फोलिक सम्पूरण कार्यक्रम, विटामिन ए या कृमिमुक्ति के लिए एल्बेन्डाजोल अभियान पोषण इनके केंद्र में है। पोषण अभियान द्वारा एक ओर सर्वे द्वारा गंभीर अतिकुपोषित बच्चों की पहचान व उपचार के प्रयास किए जा रहे हैं वहीं गर्भधारण से लेकर शिशु जन्म, किशोरावस्था व युवावस्था तक सही पोषण के लिए जनजागरण किया जा रहा है। खण्ड नोखा के 25 गाँवों में विशेष प्रोजेक्ट के रूप में आईमेम कार्यक्रम चलाकर समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन किया जा रहा है। 9 तारीख को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान अधिकाधिक गर्भवतियों के रक्त में हिमोग्लोबिन की जांच कर आवश्यक उपचार किया गया। इसके आलावा भी एएनएम व आरबीएसके दलों को विद्यालयों में विशेष अनीमिया जांच शिविर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। घर आधारित नवजात की देखभाल के दौरान एएनएम द्वारा बच्चे सहित परिवार के सभी सदस्यों के पोषण की जानकारी दी जा रही है। शहरी क्षेत्रों में महिला आरोग्य समितियों की बैठकें आयोजित कर उनमे प्रोटीन, विटामिन, आयरन व अन्य खनिज से भरपूर खाद्यों का प्रदर्शन कर घर-घर पोषण का सन्देश दिया जा रहा है।

एक शरीर में 2 जान तो दुगुना ख्याल…….       आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता ने जानकारी दी कि पोषण अभियान के तहत स्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनसी के लिए आई गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं व बच्चों को फल, गुड़, मुरमुरे और चने वितरित कर पोषण के प्रति सचेत किया जा रहा है। साथ ही नियमित रूप से संतुलित आहार के बारे में जानकारी दी जा रही है। मौके पर ही भोजन के साप्ताहिक चार्ट बनवाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जांच के लिए आई गर्भवतियों व परिजनों को समझाया जा रहा है कि जब एक शरीर में 2 जान हैं तो आहार भी दुगुना पौष्टिक होना चाहिए।

 

 

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