मॉप अप दिवस पर छूटे हुए बच्चे खाएंगे कृमिनाशक दवा।
August 18th, 2019 | Post by :- | 56 Views

बीकानेर,(मनीष)। बच्चों-किशोरों के पेट के कीड़े मारने के अभियान का मॉप अप दिवस सोमवार 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस यानिकी 8 अगस्त को छूटे हुए बच्चों को एलबेंडाजोल गोली खिलाई जायेगी। कार्यक्रम के तहत 1 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को आंगनबाडी केन्द्रांे, सरकारी-निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग सेंटरों व मदरसों में पेट के कीड़े मारने की दवा एलबेण्डाजोल गोली निशुल्क खिलाई जाएगी। बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति (डीवर्मिंग) दिवस मनाया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में करीब 22 करोड़ बच्चों के कृमि ग्रस्त होने की संभावना रहती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि जिले में 1,988 सरकारी, 1,399 निजी स्कूल, 1,327 आंगनवाड़ी केन्द्रों, 80 कॉलेज में लगभग 9 लाख बच्चों को डीवर्मिंग गोली खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। विद्यालयों व संस्थानों द्वारा छूट गए बच्चों की सूची तैयार कर घरों पर सूचना दी गई है ताकि वे बच्चे सोमवार को स्कूल जरूर पहुंचे। अभियान में शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अभियान के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमएचओ (प.क.) डॉ योगेन्द्र तनेजा ने बताया कि जिले में लगभग 10,00,000 गोलियों की आपूर्ति कर दी गई है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में 1 से 2 वर्ष तक के बच्चे को ऐल्बेण्डाजोल 400 एमजी की आधी गोली को दो चम्मच के बीच में रखकर चूरा करके स्वच्छ पीने के पानी में घोलकर पिलाई जायेगी व 2 से 6 साल के बच्चे को 1 गोली चबाकर खाने को दी जाएगी। जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं उन्हें भी आंगनवाड़ी केन्द्रों के मार्फत दवा खिलाई जाएगी। सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों व कोचिंग सेंटरों पर बड़े बच्चों व किशोरों को ऐल्बेण्डाजोल 400 एमजी की एक पूरी गोली शिक्षक के सामने चबा कर खाने को दी जाएगी।
डॉ. तनेजा ने बताया कि यह दवा पूर्ण सुरक्षित है। जो बच्चे स्वस्थ दिखें उन्हें भी ये खिलाई जानी हैं क्योंकि कृमि संक्रमण का प्रभाव कई बार बहुत वर्षों बाद स्पष्ट दिखाई देता है। दवा से पेट के कीड़े मरते हैं इसलिए कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी या पेट दर्द जैसे सामान्य छुट-पुट लक्षण हो सकते हैं लेकिन ये सामान्य व अस्थाई हैं जिन्हें आंगनवाड़ी व विद्यालय में संभाला जा सकता है। सामान्य बीमार बच्चों को भी दवा दी जा सकती है हाँ मिर्गी के दौरे आने वाले बच्चों को ये दवाई नहीं खिलाई जायेगी। खाली पेट ये दवा नहीं लेनी चाहिए इसलिए पोषाहार के बाद ही गोली दी जाएगी।