ऑनलाइन स्थानान्तरण बना सफेद हाथी, वेबसाइट के न चलने से दिन-रात भटकते रहे शिक्षक
August 19th, 2019 | Post by :- | 539 Views

कुरुक्षेत्र, लोकहित एक्सप्रेस, (अनिल सैनी) । स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा ऑनलाइन स्थानान्तरण एक सफेद हाथी बन कर रह गया है, जिस स्थानान्तरण की तारीफ हरियाणा सरकार विभिन्न राज्यों में भी करते नहीं थक रही थी,इसका इतना बुरा हाल होगा किसी ने सोचा भी नहीं होगा। स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा ने ऑनलाइन स्थानान्तरण को एक मजाक बना कर रख दिया है। इस वर्ष पहले जेबीटी शिक्षको के असफल अंतरजिला स्थानान्तरण किया गया। उसके बाद पीजीटी शिक्षको के लिए स्थानान्तरण प्रकिया शुरू की गई। शुरू में वैज्ञानिककरण में छात्र संख्या 30.09.2018 के अनुसार ली गई, परन्तु शिक्षक संघों के विरोध करने पर वैज्ञानिककरण में छात्र संख्या 31.07.2019 के आधार पर कर दी गई, परन्तु काफी बड़ी संख्या में पदों को ब्लॉक्ड कर दिया गया, जबकि उन विषयों में काफी संख्या में छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। शिक्षक संघों के विरोध करने पर भी इन ब्लॉक्ड पदों को नहीं खोला गया और स्थानान्तरण प्रकिया शुरू कर दी गई। ज्यादातर जिलों में अध्यापकों की संख्या अधिक थी, पदों की संख्या कम। स्थानान्तरण प्रकिया में शुरू में स्कूल चयन के लिए 14 से 18 अगस्त के लिए समय रखा गया था, परन्तु 14 अगस्त को स्थानान्तरण प्रकिया शुरू ही नहीं हो पाई, उसके बाद 15 अगस्त को स्थानान्तरण प्रकिया शुरू की गई। 16 अगस्त को शिक्षकों को कहा गया कि विभाग कुछ ब्लॉक्ड पदों को ओपन कर रहा है, इस कारण से शिक्षक mis पर अपने स्कूल का चयन नहीं कर पाए। ब्लॉक्ड पदों को व ज़ोन 5,6,7 को लेकर शिक्षकों में संशय बना रहा कि वो स्थानान्तरण प्रकिया में भाग ले या न ले। कल 18 अगस्त को सारा दिन mis वेबसाइट बंद रही, पोर्टल को अपडेट भी किया गया परन्तु सामान्य न हो पाया, परेशान शिक्षक कल पूरा दिन वेबसाइट पर लगे रहे परन्तु अपने स्कूल चयन नहीं कर पाए। mis वेबसाइट अपडेट होने के बाद पूरे हरियाणा के स्कूल ही गायब हो गए। शाम को सोशल मीडिया पर समय सीमा बढ़ाने का पत्र भी जारी कर दिया गया परन्तु वेबसाइट पर यह पत्र या सूचना भी शिक्षा विभाग द्वारा जारी नहीं की गई। रात 12 बजे के बाद स्थानान्तरण वेबसाइट पर समय सीमा समाप्त होने का संदेश दिखाई देने लगा। शिक्षक कल पूरा दिन ही नहीं रात भर सोशल मीडिया पर पर अपनी समस्या को लेकर चर्चा करते रहे।